केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड
भूजल प्रबंधन अध्ययन
भूजल संसाधन सक्रिय अवस्था में उपलब्ध होते हैं । अत: इनमें आवधिक परिवर्तन होता रहता है । पिछले अध्ययनों के संदर्भ में गुणवत्ता एवं मात्रा की दृष्टि से भूजल उपलब्धता एवं उपयोग परिदृश्य को अद्यतन करने हेतु भूजल प्रबंधन अध्ययन (जीडब्ल्यूएमएस) आवश्यक है । भूजल निकासी और वर्हिवाह के प्रभाव को जल तालिका के माध्यम प्रत्यक्ष रूप से मापा जा सकता है । क्योंकि प्रमुख इनपुट एवं आउटपुट अक्सर समय के साथ-साथ परिवर्तित होते रहते हैं अत: भूजल स्थिति का मूल्यांकन आवधिक रूप से किया जाता है । भूजल संसाधनों के विकास से इसके क्षेत्र एवं जल गुणवत्ता में परिवर्तन होता है । अत: इस संसाधन के विकास हेतु आयोजना इन अध्ययनों के आधार पर की जाती है जिसमें उभरते परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए भूजल विकास कार्यक्रम के पुन: अभिमुखीकरण हेतु बहुमूल्य जानकारी प्राप्त होती है ।
जीडब्ल्यूएमएस के उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- गुणवत्ता एवं मात्रात्मक आधार पर भूजल क्षेत्र की अद्यतन स्थिति को दर्शाना ।
- भूजल परिदृश्य को प्रभावित करने वाले कारकों का पता लगाना ।
- भूजल से संबंधित समस्याओं और मामलों की पहचान करना तथा कार्यान्वयन हेतु उपयुक्त लक्ष्य आधारित कार्यनीति उपलब्ध कराना ।
- भूजल उपयोग के सामाजिक और आर्थिक पहलुओं और भूजल विकास, संरक्षण एवं प्रबंधन में विभिन्न अधिकरणों, पंचायती राज, गैर सरकारी संगठनों तथाा स्वायत्त संगठनों की भूमिका का आकलन करना ।
- भूजल क्षेत्र संबंधी मौजूदा डेटाबेस को अद्यतन करना ।
- भूजल योग्य और अयोग्य क्षेत्रों की पहचान करना।
- विशिष्ट समस्याओं के समाधान हेतु उपयुक्त अनुवर्ती कार्रवाई/ औपचारी उपाय/ प्रशासनिक एवं तकनीकी उपायों की संस्तुति करना ।
वर्ष 2008-09 के दौरान भूजल प्रबंधन अध्ययन के माध्यम से शामिल विभिन्न विषय
- आर्टीजि़यन जलभृतों का सीमांकन और मूल्यांकन ।
- बाढ़ मैदानी जलभृतों की मैटिंग ।
- झरनों के माध्यम से जल आपूर्ति का विकास।
- महत्वपूर्ण जलभृत प्रणाली की मैपिंग ।
- तटीय जलभृत और समुद्री जल अन्त:प्रवेश अध्ययन ।
- सिंचाई कमान में सतही और सिंचाई जल का संयुक्त उपयोग।
- भूजल संसाधनों का इष्टतम उपयोग।
- भूजल संसाधन का आकलन।
- किसान आपदा क्षेत्रों में भूजल प्रबंधन अध्ययन।
- अति दोहन क्षेत्र।
- स्वाभाविक रूप से संदूषित क्षेत्र।
- नालों के उद्धार के लिए अध्ययन।
- खनन भूजलविज्ञान
- सुदूर संवेदन अध्ययन,
- लैंडफिल क्षेत्रों का भूजलविज्ञान
- शहरी क्षेत्रों का भूजलविज्ञान
- जल की कमी वाले क्षेत्र